स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डिप्टी CM शुक्ल

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, समयबद्ध क्रियान्वयन और अधोसंरचना विकास में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं – उप मुख्यमंत्री शुक्ल
मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की
71 अनुमोदित स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों की प्रगति की समीक्षा, शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
विशेषज्ञों की नियुक्ति, अस्पताल प्रबंधकों की पदस्थापना, डायलिसिस सेवाओं और मेडिकल कॉलेजों में कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार पर हुई चर्चा
भोपाल
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाएं आमजन की प्राथमिकता से जुड़ा विषय हैं। स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण, उन्नयन, मानव संसाधन की उपलब्धता और चिकित्सा सेवाओं के प्रभावी संचालन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सक्षम स्वीकृति प्राप्त होने के बाद कार्यों को समय-सीमा में पूरा किया जाए और जहां भी अनावश्यक विलंब पाया जाए, वहां संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास, चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता तथा अस्पतालों के प्रबंधन से संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए और जनसामान्य को समय पर सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कैबिनेट द्वारा अनुमोदित नवीन एवं उन्नयित स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। बताया गया कि अनुमोदित 71 स्वास्थ्य संस्थानों में से 29 नवीन स्वास्थ्य संस्थानों के प्रशासनिक अनुमोदन जारी हो चुके हैं। इन संस्थानों के निर्माण के लिए शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने की कार्यवाही की जाएगी। शेष 42 स्वास्थ्य संस्थानों में उन्नयन कार्य किए जाने हैं। इनमें से 22 संस्थानों के उन्नयन का कार्य पीआईयू तथा 20 संस्थानों के उन्नयन का कार्य मध्यप्रदेश बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीबीडीसी) द्वारा किया जाना है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्माण एजेंसियों से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी की जाएं। निर्माण एवं उन्नयन कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
एम्बुलेंस सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एम्बुलेंस सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि एम्बुलेंस सेवाओं के प्रदर्शन की सघन मॉनिटरिंग की जाए तथा आवश्यक निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को समय पर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध हो सके। सेवा प्रदायगी में होने वाले विलंब और अन्य व्यावहारिक समस्याओं की नियमित समीक्षा करते हुए व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के साथ उनकी समयबद्धता और सुगमता भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए संबंधित अधिकारी सेवाओं के प्रदर्शन पर निरंतर नजर रखें तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं।
बैठक में अस्पताल प्रबंधक पदों पर पदस्थापना से संबंधित कार्यवाही की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अस्पताल प्रबंधकों की काउंसलिंग शीघ्र आयोजित कर पदस्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उपलब्ध मानव संसाधन का प्रभावी उपयोग किया जाए तथा संबंधित प्रक्रियाओं को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। चिकित्सा अधिकारी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया में प्रतीक्षा सूची से चयन की कार्यवाही की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की विभाग स्तर पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी करने तथा साक्षात्कार आयोजित करने से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आवश्यक प्रक्रियाओं को नियमानुसार आगे बढ़ाते हुए चिकित्सकीय मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में प्रदेश के पुराने पांच मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल ऑन्कोलॉजी एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभागों के विकास एवं आधुनिक उपकरण की उपलब्धता से संबंधित विषय पर चर्चा की गई। बैठक में डायलिसिस सेवाओं के संचालन के लिए नवीन टेंडर जारी करने की कार्यवाही की समीक्षा की गई। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरा करने के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए।
बैठक में कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले विभिन्न प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इनमें समस्त जिला अस्पतालों में नवीन पदों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव, सी.सी.एच.बी. के अंतर्गत लगभग 4,000 नवीन पदों की स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव तथा सुषेण योजना के विस्तार का प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त रीवा, ग्वालियर एवं जबलपुर मेडिकल कॉलेजों के उन्नयन से संबंधित प्रकरणों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इन प्रस्तावों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ करना, मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाना और प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना है। संबंधित प्रस्तावों को आवश्यक प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय मानव संसाधन की उपलब्धता और सेवा प्रदायगी की प्रभावी निगरानी पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।



