मध्य प्रदेश

उमरिया-शहडोल में भारी बारिश का कहर, डिंडौरी में बाढ़ जैसे हालात; कई जगह अलर्ट

डिंडौरी/उमरिया/शहडोल

 डिंडौरी जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। नर्मदा नदी में बाढ़ आने से जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पिछले 1 घंटे से बंद है। जोगी टिकरिया पुल पानी में डूब गया है, जबकि जिला मुख्यालय का पुल भी डूबने की कगार पर है। जिला मुख्यालय से शहडोल मार्ग भी सुबह से ही बंद है, यहां भी पानी पुल के ऊपर आ गया है।

बजाग, करंजिया जनपद क्षेत्र में भी एक सैकड़ा से अधिक गांवों का संपर्क जनपद और जिला मुख्यालय से टूटा हुआ है। यहां भी स्थानीय नदियां उफान पर हैं। जिला मुख्यालय सहित अमरकंटक, बजाग और करंजिया क्षेत्र में तेज बारिश का दौर लगातार जारी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूट गया है और कई गांवों में पानी घरों में घुसने लगा है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है। घाटों में पुलिस बल भी तैनात किया जा रहा है। साथ ही नर्मदा नदी किनारे बसाहट क्षेत्र को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में आज अवकाश
लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा को देखते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया के निर्देश पर विद्यार्थियों एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए आज जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, CBSE, नवोदय, केंद्रीय विद्यालय और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के लिए एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आज अवकाश रहेगा। हालांकि शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और अन्य कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहेंगे।

  तेज बारिश से स्कूलों की छुट्टी
उमरिया जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही अति-वृष्टि और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर 26 सितंबर को जिले के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश प्री-प्रायमरी से कक्षा 12वीं तक संचालित सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालयों पर लागू रहेगा।

शिक्षकों का अवकाश नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा। सभी शिक्षक एवं विद्यालयीन कर्मचारी निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर अपने नियमित कार्यों का संपादन करेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। जिला प्रशासन ने लगातार बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए विद्यार्थियों को घर से बाहर निकलने से बचाने और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।

जनजीवन प्रभावित
इधर, लगातार बारिश का असर जिले के सामान्य जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। उमरिया शहर में डीएफओ कार्यालय के पास बारिश के कारण एक पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। सड़क पर पेड़ गिरने से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद संबंधित अमले द्वारा पेड़ को हटाने की कार्रवाई की गई, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका।

भारी बारिश से बाणसागर बांध लबालब

जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बाणसागर बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। इसी को देखते हुए बांध प्रशासन ने आज 26 सितंबर को दोपहर 12 बजे से जल निकासी बढ़ाने का फैसला लिया है।

फुल लेवल बनाए रखने के लिए बाणसागर मेन डैम के पहले से खुले हुए 6 रेडियल गेट नंबर 6, 7, 8, 9, 10 और 11 की ओपनिंग को 1.50 मीटर से बढ़ाकर 2.00 मीटर किया जा रहा है।

सोन नदी में 2632 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जाएगा
इससे स्पिलवे के 6 रेडियल गेटों से कुल 2458.00 क्यूमेक्स पानी का डिस्चार्ज होगा। बाणसागर मेन डैम के स्पिलवे और पावर हाउस नंबर-03 से सोन नदी में छोड़े जा रहे पानी का कुल फ्लो 2632.23 क्यूमेक्स होगा। विभाग ने कहा है कि अगर आवक और बढ़ी तो डिस्चार्ज और बढ़ाया जा सकता है।

डाउनस्ट्रीम इलाके के लोगों के लिए अलर्ट
मुख्य अभियंता, गंगा कछार जल संसाधन विभाग ने ऑर्डर जारी कर सभी फील्ड स्टाफ को अलर्ट और सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बाणसागर बांध के डाउनस्ट्रीम इलाके में सोन नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे सोन नदी से दूरी बनाए रखें और नदी में न जाएं।

बता दें कि जिले में पिछले 48 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। दिन और रात कभी तेज तो कभी धीमी बारिश हो रही है। इसका असर बांध, नदी, तालाब और दूसरे वाटर सोर्स पर पड़ रहा है और सभी जल स्रोत अब लबालब हो चुके हैं।

जल भराव
लगातार बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जलभराव, सड़क किनारे मिट्टी धंसने और पेड़-पौधों के गिरने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन द्वारा लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने तथा जलभराव वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश के बीच स्कूल पहुंचे मासूम, बाद में पता चला छुट्टी है

उमरिया जिले में लगातार हो रही अति-वृष्टि के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने 26 सितंबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया,लेकिन आदेश जारी होने के बावजूद इसकी सूचना समय पर विद्यार्थियों और अभिभावकों तक नहीं पहुंच सकी।नतीजा यह हुआ कि मूसलाधार बारिश के बीच कई परिजन बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गए और वहां जाकर पता चला कि आज छुट्टी है।

इस अव्यवस्था की जीवंत तस्वीर शनिवार सुबह सामने आई,जब पिता गुलाब सिंह अपने एलकेजी में अध्ययनरत बेटे साहिल सिंह को बारिश से बचाने के लिए पन्नी आदि से ढककर विद्यालय लेकर पहुंचे।बच्चे को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने की जद्दोजहद के बाद जब छुट्टी की जानकारी मिली तो उन्हें वापस करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर गांव खितौली-बगदरी लौटना पड़ा। गुलाब सिंह ने बताया कि उन्हें छुट्टी का मैसेज शनिवार सुबह करीब 8.50 बजे मिला।

उनका कहना था कि यदि सूचना शुक्रवार रात को ही मिल जाती तो इतनी तेज बारिश में बच्चे को लेकर घर से निकलने की जरूरत ही नहीं पड़ती और इतनी दूर भीगते हुए नही आना पड़ता।प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर अवकाश का आदेश तो जारी कर दिया,लेकिन सवाल यह है कि जब मौसम इतना खराब था तो सूचना रात में ही हर अभिभावक तक पहुंचाने की व्यवस्था क्यों नहीं हुई?

एक छोटी-सी सूचना की देरी ने बारिश में मासूम को सड़क पर ला दिया और अभिभावक को बेवजह 30-35 किलोमीटर का सफर करना पड़ा। यह तस्वीर सिर्फ एक परिवार की परेशानी नहीं,बल्कि स्कूल प्रबंधन की सूचना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।संभव है कि ऐसे और भी बच्चे बारिश में स्कूल पहुंचे हों, जिन्हें समय पर छुट्टी की जानकारी नहीं मिली।

जन विश्वास अभियान कैम्प स्थगित
अत्यधिक वर्षा के कारण आज करंजिया जनपद में आयोजित होने वाला जन विश्वास अभियान कैम्प भी स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने बताया कि मौसम सामान्य होने पर नई तिथि घोषित की जाएगी।

24 घंटे में 92.9 मिमी औसत बारिश, बजाग में सबसे ज्यादा 143 मिमी
भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय से प्राप्त दैनिक वर्षा की जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिले में रिकॉर्ड बारिश हुई है। 26 सितंबर को जिले में कुल 650.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिसका औसत 92.9 मिमी है। सबसे ज्यादा बारिश बजाग में 143.0 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा डिंडौरी में 93.2 मिमी, अमरपुर में 96.3 मिमी, समनापुर में 89.0 मिमी, करंजिया में 80.0 मिमी, शहपुरा में 64.4 मिमी और मेहदवानी में 84.3 मिमी वर्षा हुई।

डिंडौरी जिले की सामान्य औसत बारिश 1404.8 मिमी है। 1 जून से 26 सितंबर तक कुल 8236.1 मिमी वर्षा हो चुकी है, जिसका औसत 1176.6 मिमी है। दीर्घ सामान्य वर्षा की तुलना में अब तक 83.74 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है। गत वर्ष इसी दिन औसतन मात्र 3.9 मिमी बारिश हुई थी, जबकि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक कुल 5.83 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

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