
चंडीगढ़
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में प्रश्नकाल चलाने की स्पीकर कुलतार सिंह संधवां की अपील के बीच वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और कांग्रेस विधायक प्रगट सिंह के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली। चीमा ने प्रगट सिंह को संबोधित करते हुए कहा, “यू आर डी मेंबर ऑफ चिट्टा पार्टी।” उन्होंने कांग्रेस पर सिख विरोधी दंगों, श्री अकाल तख्त साहिब पर हमले और पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर निशाना साधा।
सदन में यह बहस उस समय हुई, जब स्पीकर विपक्ष से नारेबाजी छोड़कर प्रश्नकाल चलने देने और पंजाब के लोगों से जुड़े सवाल उठाने की अपील कर रहे थे।
हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पार्टी के शासनकाल में पंजाब और सिख समुदाय ने बहुत कुछ झेला है। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सिखों के गले में टायर डालकर जलाया गया। उन्होंने कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर का नाम लेते हुए भी कांग्रेस को घेरा।
चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग उन घटनाओं को भूले नहीं हैं, जिनमें परिवारों ने अपने बेटे खोए और महिलाओं को विधवा होना पड़ा। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब पर हमले का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।
नशे के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
वित्त मंत्री ने पंजाब में नशे के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि विपक्षी दल के नेताओं को पहले अपने राजनीतिक रिकॉर्ड पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने विधायक सुखपाल सिंह खैहरा का नाम लेते हुए उनके खिलाफ एनडीपीएस मामले का उल्लेख किया। चीमा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में पंजाब में नशे की समस्या बढ़ी और अब वही पार्टी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रही है।
उन्होंने अकाली दल के शासनकाल और पंजाब में नशे के प्रसार का भी उल्लेख किया। चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग जानते हैं कि राज्य में नशे की समस्या किस तरह बढ़ी। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर जाकर नशा खत्म करने के वादे करने वाले नेताओं पर भी सवाल उठाए।
वित्तमंत्री हरपाल चीमा सीट से खड़े हो गए। उन्होंने कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह को टारगेट करते हुए कहा कि मिस्टर परगट सिंह, यू आर द मेंबर ऑफ चिट्टा पार्टी। आप पंजाब में चिट्टे का नशा फैलाने वाली पार्टी के मेंबर रहे हो। तलवंडी साबो स्थित तख्त दमदमा साहिब पर नशा खत्म करने की झूटी कसम खाई।
चीमा ने कहा कि कांग्रेस के राज में पंजाब और सिख समुदाय को बहुत कष्ट झेलने पड़े। 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सिखों के गले में टायर टांगकर उन्हें जलाया गया था। उन्होंने कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर का नाम लेकर भी कांग्रेस पर हमला किया।
नकोदर गोलीकांड का भी किया जिक्र
चीमा ने अपने भाषण में नकोदर गोलीकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब के लोग उन घटनाओं को नहीं भूले हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर पुराने मामलों और अपने राजनीतिक कार्यकाल को लेकर सवाल उठाए।
इससे पहले स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने सदन में जारी नारेबाजी के बीच सदस्यों से कहा कि पंजाब के लोगों के सवाल प्रश्नकाल में लगे हुए हैं। उन्होंने अपील की कि सदस्य प्रश्नकाल के दौरान ही अपने सवालों और तर्कों के जरिये बहस करें तथा सदन की मर्यादा बनाए रखें।.
वहीं अबोहर के अजय हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर मृतक की मां और अन्य परिजनों ने शुक्रवार को भी विधानसभा परिसर के बाहर धरना दिया। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ सहित अन्य नेताओं ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समर्थन दिया। जाखड़ ने बताया कि वीरवार को भी अजय कुमार की मां और परिवार के सदस्य इन्साफ की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें जबरन हटाकर हिरासत में ले लिया।
अजय कुमार को 27 सितंबर को अबोहर के संत नगर में गोलियां मारी गई थीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसका कई दिनों तक इलाज चला। 19 अक्तूबर को उसकी मृत्यु हो गई। परिवार अबोहर में भी इन्साफ की मांग को लेकर धरना दे रहा है। परिजनों के अनुसार, मृतक का अभी तक पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ है।
अजय की मां और परिवार के सदस्यों ने बताया कि वर्ष 2015 में भीम हत्याकांड हुआ था। अजय के भाई ने इस मामले में गवाही दी थी। इस गवाही के आधार पर कुछ दोषियों को 20 साल की सजा हुई थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि जमानत पर बाहर आए एक व्यक्ति ने उनके बेटे को गोलियां मारीं।



