किसानों की आय बढ़ाने कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर
किसानों की आय बढ़ाने कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
सरगुजा संभाग में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए परंपरागत खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, कुक्कुटपालन, बकरीपालन और उद्यानिकी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों को खेती के साथ आय के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध कराने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने तथा उपलब्ध कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संभाग स्तर पर समन्वित कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसी क्रम में सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने खरीफ 2026 एवं रबी 2026-27 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को योजनाओं का प्रभावी और समन्वित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अम्बिकापुर स्थित कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर एवं सूरजपुर जिलों के कृषि, पशुधन विकास, उद्यानिकी और मत्स्य पालन विभाग सहित कृषि विज्ञान केंद्रों के अधिकारी उपस्थित थे। संभागायुक्त ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए केवल फसल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कृषि के साथ सहायक आजीविका गतिविधियों को भी बढ़ावा देना आवश्यक है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाएं।
फसल विविधीकरण और पड़ती भूमि के उपयोग से बढ़ेगा कृषि उत्पादन
संभागायुक्त दुग्गा ने खरीफ 2026 के क्षेत्राच्छादन, फसल विविधीकरण और रबी मौसम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए पड़ती भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रबी मौसम में उपलब्ध नमी और सिंचाई संसाधनों का उपयोग कर अतिरिक्त क्षेत्र में खेती के लिए उपयुक्त फसलों का चयन किया जाए। धान आधारित फसल पद्धति में दलहन, तिलहन और उद्यानिकी फसलों को शामिल करने तथा किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के अंतर्गत चयनित उपार्जन केंद्रों के कैचमेंट क्षेत्रों में फसलवार संभावित आवक का आकलन करने और किसानों को योजना के संबंध में जागरूक करने की रणनीति तैयार करने पर चर्चा हुई। संभागायुक्त ने प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के निर्धारित संकेतकों की प्रगति, एकीकृत किसान पोर्टल पर किसानों के पंजीयन तथा ग्रीष्मकालीन धान का रकबा शून्य करने के लिए तैयार कार्ययोजना की भी समीक्षा की। उन्होंने नील-हरित काई, हरी खाद और अन्य वैकल्पिक माध्यमों से पोषण प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा कृषि में उन्नत तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया।
रबी सीजन में बीज और उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
संभागायुक्त ने रबी 2026-27 के लिए बीज एवं उर्वरकों की मांग, उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक उपलब्ध हों तथा वितरण प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रहे। बैठक में पायलट प्रोजेक्ट वाले जिलों में फर्टिलाइजर सेल फ्रेमवर्क (एफएफएस) के माध्यम से उर्वरक वितरण के अनुभवों की जानकारी ली गई। साथ ही रबी 2026-27 से इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई।
कृषि आदानों की गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं में जिलेवार व्यय तथा खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए संचालित नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयलसीड और आत्मनिर्भरता दलहन मिशन की प्रगति की भी समीक्षा हुई। संभागायुक्त ने ऑयल पाम एवं अन्य फलदार पौधों के रोपण क्षेत्रों में अंतरवर्तीय फसलों की संभावनाएं तलाशने और किसानों को उद्यानिकी आधारित खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से ग्रामीण परिवारों को मिलेंगे अतिरिक्त आय के अवसर
पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने दुग्ध उत्पादन, कुक्कुटपालन और बकरीपालन जैसी गतिविधियों को ग्रामीण आजीविका से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने पशुओं में लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) एवं पीपीआर टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, वत्सोत्पादन, गौधाम एवं गौशालाओं के संचालन तथा दुग्ध सहकारी समितियों के गठन की प्रगति की जानकारी ली। दुधारू पशु प्रदाय पायलट प्रोजेक्ट, मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट की गतिविधियों और विभागीय योजनाओं के अंतर्गत हितग्राही चयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में स्थानीय निकायों द्वारा स्थापित एबीसी सेंटरों के कार्यों के साथ राज्य बजट 2026-27 एवं वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत पशु चिकित्सालय और पशु औषधालय भवनों के निर्माण से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। संभागायुक्त ने पशुपालकों को विभागीय योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और पशु चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मत्स्य पालन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और झींगा पालन की संभावनाएं तलाशने पर जोर
संभागायुक्त दुग्गा ने मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा करते हुए तालाबों, जलाशयों और अमृत सरोवरों का उपयोग मत्स्य उत्पादन एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन के लिए करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, राज्य योजनाओं, किसान क्रेडिट कार्ड तथा नेशनल फिशरमेन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीयन की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही तालाबों एवं जलाशयों के पट्टा आवंटन और फिशरीज इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की।
उन्होंने मत्स्य पालन गतिविधियों में महिलाओं और महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने तथा सरगुजा संभाग में झींगा पालन की संभावनाओं का आकलन करने के निर्देश दिए। मत्स्य पालन को कृषि के साथ अतिरिक्त आय के प्रभावी साधन के रूप में विकसित करने और उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
संभागायुक्त दुग्गा ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन अलग-अलग गतिविधियों के बजाय समन्वित आजीविका विकास के दृष्टिकोण से किया जाए। किसानों को फसल विविधीकरण, उन्नत कृषि तकनीकों और सहायक व्यवसायों के लिए प्रोत्साहित करने के साथ योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए, ताकि सरगुजा संभाग के अधिक से अधिक किसान और ग्रामीण परिवार इनका लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।



