
पटना
बिहार के सरकारी स्कूलों में भी प्लेसमेंट की सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार 12वीं कक्षा में ऐसे इच्छुक बच्चों को प्लेसमेंट की सुविधा देगी जो आगे पढ़ाई नहीं करना चाहते या फिर जो 12वीं के बाद ही करियर बनाना चाहते हैं। इसके लिए बड़े व्यावसायिक कंपनियों की मदद ली जाएगी। इसमें बड़ी कंपिनयों और बड़े औद्योगिक घरानों से भी सहयोग लिया जाएगा।
बिहार सरकार अब सरकारी स्कूलों के 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद सीधे रोजगार से जोड़ने की तैयारी में है। इस व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य उन विद्यार्थियों को अवसर देना है, जो इंटरमीडिएट के बाद परिवार की आर्थिक स्थित या अन्य कारणों से कामकाजी दुनिया में प्रवेश करना चाहते हैं। ऐसे बच्चों को विद्यालय से ही प्लेसमेंट की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।
अवसर विकसित होंगे
प्रस्तावित नई पहल के तहत विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों की रुचि, योग्यता और कौशल का आकलन कर उन्हें निजी कंपनियों तथा विभिन्न रोजगार क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा। सरकार इसके लिए बड़े व्यावसायिक समूहों और उद्योग जगत का सहयोग लेने की योजना बना रही है। देश की नामी-गिरामी कंपनी और बड़े औद्योगिक घरानों सहित अन्य कंपनियों की भागीदारी से प्लेसमेंट, प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप के अवसर विकसित किए जाएंगे।
कौशल के अभाव में बेहतर प्सेलमेंट नहीं मिलता
बिहार में 13 लाख बच्चे सरकारी विद्यालयों में इंटर की पढ़ाई करते हैं। इंटर स्तर पर मेडिकल, इंजीनियरिंग, एनडीए के सात-साथ रेलवे, बैंक में बड़ी संख्या में लड़के जाते हैं। निजी क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बच्चे जाते हैं। लेकिन जानकारी और कौशल के अभाव में उन्हें बेहतर प्सेलमेंट नहीं मिल पाता। इसीलिए सरकार ने यह व्यवस्था शुरू की है। सरकार की बड़े औद्योगिक घरानों और कंपनियों से अपेक्षा होगी कि वे विद्यार्थियों के लिए एंट्री-लेवल रोजगार, प्रशिक्षु पद, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराएं।
विद्यार्थियों के पास दो विकल्प होंगे
राज्य में पहले से कौशल विकास और उद्योग-संबद्ध प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जाते रहे हैं। नई व्यवस्था से 12वीं पास विद्यार्थियों के सामने दो स्पष्ट रास्ते होंगे। पहला तो उच्च शिक्षा में दाखिला। दूसरा कौशल प्रशिक्षण के बाद नौकरी या अप्रेंटिसशिप चुनना। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए यह पहल आय का साधन बनाने में उपयोगी हो सकती है।
विशेष विद्यालयों का चयन किया जाएगा
इस योजना में केवल नौकरी दिलाने पर ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगार योग्य बनाने पर भी जोर रहेगा। 12वीं के बाद चयनित युवाओं को संचार कौशल, डिजिटल दक्षता, कार्यस्थल व्यवहार, तकनीकी प्रशिक्षण तथा क्षेत्र-विशेष की जरूरतों के अनुरूप तैयारी कराई जा सकती है। इसके लिए कुछ विशेष सरकारी विद्यालयों का चयन किया जाएगा, जहां 12 वीं के बाद बच्चों को रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। इन विद्यालयों में बड़ी कंपनियों को भी स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि हम 12 वीं के बाद इच्छुक बच्चों को उनके बेहतर करियर और रोजगार दोनों में मदद करेंगे। जो बच्चे रोजगार चाहते हैं, उनके लिए प्लेसमेंट की योजना बनायी जा रही है। हम विद्यालय के बाद ही उनके लिए रोजगार का प्रबंध करेंगे।



